छोटे प्रेरक प्रसंग | 6 प्रेरणादायक लघु कहानियाँ | Short Motivational Stories

यह मात्र छः छोटे प्रसंग ही नही हैं यह जीवन को बदल देने का सामर्थ्य रखने वाले ब्रह्म वाक्य हैं। यह गागर में सागर हैं।

छोटे प्रेरक प्रसंग | 6 प्रेरणादायक लघु कहानियाँ | Short Motivational Stories

यह मात्र छः छोटे प्रसंग ही नही हैं यह जीवनको बदल देने का सामर्थ्य रखने वाले ब्रह्म वाक्य हैं। यह गागर में सागर हैं। एक घड़े में पूरे का पूरा समंदर समेटे हैं।अगर आपने इनको ध्यान से पढ़ा और इनमे छुपे हुए संदेश को जीवन में उतारा तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ की आपको जीवन में सफल होने और आगे बढ़ने से कोई नही रोक पाएगा। एक एक शब्द
में जादू है। जीवन को परिवर्तित करने का जादू।

 

आस्था ,आशा ,विश्वास ,आत्म विश्वास ,प्यार और नज़रिया यही छः वो गुण हैं जो किसी भी व्यक्ति को ख़ाक से उठाकर सिंहासन पर बैठा सकते हैं।

 

तो आइए अब पढ़ते हैं उन छः छोटी कहानियों को और प्रेरणा लेकर एक नए जोश के साथ फिरसे एक नई शुरुआत करते हैंआज से और अभी से। 

 

एक गाँव में बारिश नही हुई तो गाँव वालों ने सोचा कि बारिश के लिए भगवान से प्रार्थना करेंगेप्रार्थना वाले दिन सारे गाँव वाले एक जगह इक्कठा हुए परन्तु एक बच्ची अपने साथ छाता भी लेकर आई।

 

 

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यह होती है -आस्था

 

 

आपने देखा होगा की जब हम एक बच्चे को हवा में उछालते हैं तो वह ज़ोर ज़ोर से हँसता है क्यों? क्योंकि वह जानता है कि हम उसे गिरने नही देंगे।

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यह होता है -विश्वास

 

 

हर रात को जब हम सोने के लिए जाते हैं तब हम घड़ी में अलार्म लगाकर सोते हैं जबकि इस बात की कोई गारण्टी नहीं होती कि सुबह हम उठेंगे भी या नहीं।

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इसका नाम है -आशा।

 

 

 

हमें कल के बारे में कुछ नही पता की कल क्या होने वाला है कोई फिर भी हम आने वाले कल के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाते हैं।

प्रेरक प्रसंग

यह होता है -आत्मविश्वास

 

 

दुनिया को हम कठिनाइयों से जूझता देखते हैं फिर भी हम विवाह करते हैं।

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यह है -प्यार

 

 एक 62 वर्ष की उम्र के व्यक्ति की टी॰ शर्ट पर एक दमदार वाक्य लिखा था “मेरी उम्र 62 साल नहीं है, मैं तो केवल 18 साल का हूँ , 44 साल के अनुभव के साथ।

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ऐसा होना चाहिए नज़रिया

 

 

क्या सीखा आपने इन छोटे छोटे प्रेरक प्रसंगो से।यही ना की अगर आस्था हो तो उस छोटी बच्ची के जैसी हो दुनिया इधर की उधर हो जाए पर आस्था ना डिगने पाए। सिर्फ़ आस्था भर रखने से जीवन में बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।

 

विश्वास हो तो उस बच्चे के जैसा जो निडर और निर्भीक होता है की कोई है जो उसे कभी गिरने नही देगा और मेरा यक़ीन मानिए अगर आपको भी परमात्मा में विश्वास है तो वो भी आपको कभी नीचे नही गिरने देगा।विश्वास में बहुत बड़ी ताक़त होती है।यह तो सुना होगा ना:

 

कौन कहता है की आसमान में छेद नही हो सकता।

एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।।

अगर दिल में विश्वास हो तो आसमान में भी छेद किया जा सकता है।

  

दोस्तों ,विश्वास में असिमित बल होता है।कहते हैं ना मन के जीते जीत है और मन के हारे हार।

अगर हमें अपने आप पर या किसी सपने पर या किसी व्यक्ति या ईश्वर पर विश्वास है तो हमारे अंदर ऊर्जा का एक अलग ही संचार होता है जो जीवन में कभी भी मार्ग से भटकने नहीं देता है।

 

आशा हो तो उस अलार्म लगाने जैसी की हम तो उठेंगे ही उठेंगे बाक़ी सब ऊपर वाला जाने। एक आशा ही है दोस्तों जिस पर पूरी की पूरी दुनिया क़ायम है। चाहे जैसी भी परिस्थियाँ क्यों ना हो कभी भी आशा का दामन नही छोड़ना चाहिए। क्योंकि आशा है तो जीत निश्चित है।भविष्य क्या है ? भविष्य आशा भर ही तो है। कल किसी ने देखा तो नही ना ही कोई निश्चित यह कह सकता है की कल आएगा या नही फिर भी हम आज मेहनत कर रहे होते हैं। पैसे बचा रहे होते हैं। आशा पर ही ना। आशा ही होती है ना की कल आएगा।

 

यह आत्मविश्वास ही था जो माँझी ने विशालकाय पहाड़ को काटकर अपनी पत्नी के लिए रास्ता बना दिया था। आत्मविश्वास के दम पर ही दुनिया जीती जाती है।अपने आत्मविश्वास को सम्भाल कर रखें उसे कभी भी खोयें ना चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए। अंत में आपके आत्मविश्वास की जीत होगी।आत्मविश्वास के दम पर ही जंगे जीती जाती हैं। इतिहास ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है जब एक छोटी से सैनिकों की टुकड़ी ने विशालकाय सेना को हरा दिया। सिर्फ़ और सिर्फ़ आत्मविश्वास के दम पर। हारने और जितने वाले की बीच सिर्फ़ आत्मविश्वास का ही अंतर होता है।

 

प्यार तो वह चाबी है जिससे पूरी कायनात पर बादशाहत की जा सकती है। प्यार में तो पत्थर को भी पिंघला देने की ताक़त है। एक बार बस देकर तो देखो, बेशर्त प्यार यानी बदले में कुछ चाह ना हो फिर देखो यक़ीन के साथ कहता हूँ सारी दुनिया तुम पर मरने को राज़ी हो जाएगी। जिधर भी नज़र जाएगी प्यार लुटाने वाले ही नज़र आयेंगे।

 

और अंत में नज़रिया यानी दृष्टिकोण। आप किस चीज़ या किस परिस्थिति को किस नज़र से देखते हैं सब कुछ इसी पर निर्भर है। आपने आधे भरे और आधे ख़ाली गिलास वाली बात तो सुनी ही होगी ।अगर कुछ व्यक्तियों को आधा पानी से भरा गिलास दिखा कर पूछा जाए की यह क्या है तो कुछ कहेंगे यह आधा भरा गिलास है और कुछ कहेंगे की आधा ख़ाली गिलास है। हारने और जितने वाले के सामने समान परिस्थियाँ होती हैं लेकिन जीतता वही है जिसका नज़रिया सकारात्मक हो। आपका दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक होना चाहिए हमेशा, एक बार और कह दूँ हमेशा। कभी भी भूल कर भी जाने या अनजाने जीवन में नकारात्मक दृष्टिकोण नही रखें चाहे सब कुछ आपके विपरीत ही क्यों ना हो। ध्यान से सुन लीजिए सबकुछ आपके विरुद्ध हो तब भी दृष्टिकोण को नकारात्मक ना रखें।आधी से ज़्यादा कामयाबी तो सिर्फ़ और सिर्फ़ सकारात्मक दृष्टिकोण से ही मिल जाती है। इसलिए बी पोसिटिव।

 

आस्था ,विश्वास , आशा , आत्म विश्वास ,प्यार और नज़रिया, दोस्तों इन शब्दों का दामन कभी ना छोड़ें इनको अच्छे से अपने जीवन में अपने व्यवहार में उतार लें फिर देखें दुनिया आपके स्वागत में पलके बिछायें खड़ी है।

अंत में एक बात याद रखे कोई भी प्रेरक प्रसंग यूँ हीप्रेरक प्रसंग नही होता उनमे कुछ तो बात होती है बस हमें ईमानदारी से उन्हें जीवन में प्रयोग करना है।

दोस्तों, मन मे कोइ भी शंका हो, दुविधा हो तो आप अपने सायबर दोस्त से जब चाहें तब पूछ सकते हैं। आप कोमेंट करें, ई मेल करें। मैं हमेशा आपकी सहायता के लिये तैयार हुं।

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