जीवन में आगे कैसे बढ़ें | सफलता के मूल मंत्र

जीवन में आगे कैसे बढ़ें | सफलता के मूल मंत्र

मैं आज आपको बताऊँगा की जीवन में आगे बढ़ने के लिए क्या करें। मैं आज आपको यह भी बताऊँगा की लक्ष्य को कैसे प्राप्त किया जाता है।आप ध्यान से एकाग्रचित होकर पढ़िए। मैं आपको आस्वासन देता हूँ की अगर आपने ध्यान से पढ़ा तो आपको जीवन में अपने लक्ष्य को पाने से कोई नही रोक पाएगा।

 

 

आइए जानते हैं आख़िर जीवन में आगे कैसे बढ़ें। कौनसा वह रास्ता है, कौनसी वह सीढ़ी है जो इस प्रतिस्पर्धा से भरे युग में हमें आगे ले कर जाएगी।सफलता का मूल मंत्र क्या है। इन्ही सब सवालों के हल आगे खोजेंगे और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ की आप आख़िर तक पढ़ते पढ़ते यह अच्छी तरह जान जाएँगे की जीवन में आगे कैसे बढ़ना है।

जीवन में आगे कैसे बढ़ें | सफलता के मूल मंत्र

जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें समझना होगा की दुनिया मे तीन तरह के लोग होते हैं।

 

  • एक वह जो सपने ही नही देखते।

 

  • दूसरे वो जो सपने देखते हैं और योजना बनाकर उन्हें पूरा भी करते हैं।

 

  • परन्तु तीसरे वाले बड़े अजीब और अलग ही होते हैं। ये सपना ही ऐसा देखते है जिसकी योजना बना पाना सम्भव नही है।

 

यदि आप तीसरे तरह के व्यक्ति की श्रेणी में है तो ज़रूर पढ़ें। मैं स्वयं तीसरी श्रेणी में आता हूँ।

 

सबसे पहले एक सपना देखना होगा। एक लक्ष्य बनाना होगा ।एक ऐसा सपना , एक ऐसा लक्ष्य जो तुम्हे लगता हो कि यह पाना सम्भव नही है।

 

ऐसा सपना देखो, इतना बड़ा सपना देखो की तुम्हे लगे कि यह सपना तो पूरे जीवन मे पूरा नही हो सकता। एक ऐसा सपना होना चाहिए जिसको सोचते हुए ही भय और रोमांच से कम्पन सी महसूस हो।

 

जब तुम उस सपने के बारे में सोचो तो तुम्हे उत्साह और भय दोनों एक ही समय महसूस हो। एक ऐसा सपना जिसे पूरा करने के लिए कोई योजना नही हो। जब सपना निश्चित हो जाये तो उस सपने को एक कागज पर पेन से लिख लो। याद रहे नीले पेन से लिखो।

 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की अब आपको चार चरण से होकर गुजरना है। कोई फर्क नही पड़ता कि आपका सपना क्या है। आप कुछ भी और कितना ही क्यों ना चाहते हों। यदि आप इन चार चरणों से होकर गुजरते हैं तो मैं दावा करता हूँ की आप निश्चय ही उस लक्ष्य को भेद सकते हैं, आप निश्चित ही उस सपने जो पूरा कर सकते हैं जिसको आपने देखा है।

 

 

आपको भले ही यह अनुमान ना हो की आपको अपने सपने के लिए क्या करना है लेकिन सिर्फ़ एक शर्त है की आपका सपना निश्चित होना चाहिए।

सफलता के चार चरण | जीवन में आगे कैसे बढ़ें | Four steps to be successful in hindi

जीवन में आगे कैसे बढ़ें

अब इन चार चरण में उस सपने में उतारना सीखिए-

 

(1) भौतिक रूप से सपने को रूप देना।

(2) मानसिक रूप से सपने को रूप देना।

(3)भावमात्मक रूप से सपने से जुड़ना।

(4) ऊर्जा का लौट कर आना।

पहला चरण | जीवन में आगे कैसे बढ़ें

सबसे पहले अपने सपने को भौतिक दृष्टि से देखना शुरू कीजिए। मान लीजिए आपको दौड़ में जीतना है।

 

 

इसके लिए आप पहले अपने शरीर पर ध्यान दीजिए। अपने शरीर को जितना सम्भव हो उतना उस प्रकार से तैयार करें। दौड़ करते रहें।परन्तु सिर्फ दौड़ करने से आपको लक्ष्य हासिल नही होगा।

यह आपने देखा भी होगा कि फाइनल में सिर्फ़ एक को ही जीतना होता है। एक के अलावा सब हार जाते हैं। क्या उन्होने मेहनत नही की थी? जाहिर है उन्होंने भी मेहनत की थी। शरीर को तपाया था। परन्तु असफल रहे।

 

इसका कारण यही रहा है कि उन्होंने खुद को सिर्फ एक चरण के लिए तो तैयार किया बाकी के तीन पर ध्यान नही दिया।

 

 

इसलिए सबसे पहले चरण के अनुसार अपने सपने को भौतिक रूप में रोपण किजिये। यदि आप पढ़ना चाहते है और पढ़ नही पाते तब भी लगातार किताब हाथ मे लेकर बैठे रहें। इससे पहला चरण पूरा होगा। लगातार हाथ मे किताब रखकर बैठने से भी पढ़ने का मन न हो तो भी किताब को देखते रहें। यहां पहला चरण पूरा होगा।

दूसरा चरण | जीवन में आगे कैसे बढ़ें

दूसरे चरण मे आपको मानसिक स्तर पर वह कार्य करना है। मानसिक स्तर का अर्थ है कि अपने सपने को मन मे, कल्पना में पूरा करना है। मन ही मन मे देखना है , कल्पना करना है कि आप सपने को पूरा कर रहे हैं। आप जैसा चाह रहे हैं उसको घटित होता देखें।

 

देखें की आप दौड़ में सबसे आगे भाग रहे हैं। आप प्रथम स्थान पर दौड़ को पूरा करते हैं और मैडल आपके हाथ मे है। आप जश्न मना रहे हैं। राष्ट्र गान बजाया जा रहा है और आपकी आँखो में ख़ुशी के आँसू हैं। जैसा आप सोचना चाहते हैं की हो उसको हू ब हू सोचें। सच होता हुआ देखें।

 

 

अब आप मानसिक स्तर पर भी अपने सपने पर कार्य करने लग गए हैं तो आप दूसरा चरण भी पार कर चुके हैं अर्थात आपका आधा काम तो हो गया। अब आधा और करना शेष है।

तीसरा चरण | जीवन में आगे कैसे बढ़ें

अब तीसरे चरण में आपको उसी सपने को भावना का स्वरूप देना है। भावना से उस सपने को जोड़ लेना है। जैसे कि दौड़ने का उदाहरण लें तो आपको भौतिक स्तर पर तो भागना है। उसी दौड़ को दूसरे चरण में आपको मानसिक स्तर पर भी करना है। और अब तीसरे चरण में उस सपने में अपनी भावनाएं जोड़ लेनी हैं।

 

 

आपको दौड़ते समय कैसा महसूस होगा जब आप वास्तव में दौड़ रहे होंगे। आपको प्रथम स्थान पाकर कितनी खुशी मिलेगी? आपके लिए लोग क्या क्या कहेंगे, तारीफ़ करेंगे और चर्चा करेंगे। मीडिया आपसे क्या क्या बात पूछना चाहेगा और आप उनका क्या उत्तर देंगे।

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इन भावनाओ को अब अपने सपने से जोड़ लेना है। ध्यान रहे की मेरे एक एक शब्द को बारीकी से समझ कर अपने लक्ष्य पर उपयोग करना। अब इन तीन चरणोंको करने पर आप एक अलग ही किरदार में आ जाएँगे । जैसा आप लक्ष्य होगा वैसा ही किरदार आप बन जाओगे। यह निश्चित है। बिलकुल पक्की बात है और यह विज्ञान है।

 

इतिहास में किसी भी महान व्यक्ति को उठा कर देख लें। उन सब ने इन्ही चरणों से गुज़र कर लक्ष्य हासिल किया है।

 

स्टीफेन हाकिंग का ही उदाहरण ले लें। भौतिक शरीर काम नही करता था , उसकी सीमाएँ थी फिर भी अपाहिज शरीर से अपनी खोज में जितना योगदान दे सकते थे उतना दिया। उसके बाद दूसरे चरण के अनुसार कार्य मानसिक स्तर का था। मानसिक स्तर पर कार्य किया और फिर भावनायें जोड़ दी। बस, 21वी सदी के बड़े वैज्ञानिक हो गए।

इसलिए यदि आप एक महान लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो इन तीन चरणों को पार करना ही पड़ेगा।

चौथा और अंतिम चरण | जीवन में आगे कैसे बढ़ें

अब आता है चौथा और अंतिम चरण। दरअसल इस चरण को बहुत से लोग भाग्य का दोष कहकर मुँह छिपाना चाहते हैं।

 

यह है ऊर्जा का नियम। कई बार आपने देखा होगा की एक विद्यार्थी सालभर मेहनत करता रहा और परीक्षा वाले दिन बीमार होने की वजह से परीक्षा नही दे सका। बस, भाग्य को दोष दे दिया। परन्तु आपको बता दूँ की यह भाग्य नही है। दरअसल भाग्य नाम की चीज़ एक महान व्यक्ति के लिए कुछ अस्तित्व ही नही रखती। भाग्य तो इन चार चरणों का मिश्रण है।

 

जब तीन चरणों से मनुष्य गुज़र जाता है तो चौथे चरण में अपने आप ही सफल हो जाता है। जब तीनो चरणों पर एक साथ काम कर लेता है तो चौथे चरण में ऊर्जा लौटकर आती है। जो ऊर्जा आपने अपनी मानसिक, भावनात्मक और भौतिक रूप से खर्च की है वह बदले में परिणामस्वरूप लौट कर आती है।

 

 

यह विज्ञान है। न्यूटन का नियम भी तो यही कहता है। क्वांटम फिजिक्स भी तो यही कहती है। इस अंतिम चरण के बारे में परमहंसः योगानन्दा जी ने भी कहा है कि – आपके पास जो कुछ है वह सब अपने लक्ष्य पर लगा दीजिये और फिर देखिए कि एक अदृश्य शक्ति आपकी कैसे मदद करती है।”

इस अदृश्य शक्ति को ही मैं ऊर्जा का लौट कर आना कह रहा हूँ। यह ऊर्जा अब आपके सपने को, आपके लक्ष्य को हक़ीक़त में बदल देगी। यह ऊर्जा परिवर्तन का सिद्धान्त है।

निष्कर्ष | जीवन में आगे कैसे बढ़ें

ध्यान रहे यह चारों चरण मिलकर ही सफलता के सूत्र का निर्माण करते हैं अतः आपको किसी एक , दो या तीन चरण पर ही नही रूक जाना है। चारों चरणों का ईमानदारी से पालन करना है। सत्य तो यह है की चौथा चरण सबसे महत्वपूर्ण है।

 

जब भी जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना हो तो विवेकानन्द जी का यह वाक्य हमेशा याद रखें:

 

एक विचार लो, उस विचार को अपना जीवन बना लो, उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार को जियो, अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो, यही सफल होने का एकमात्र तरीका है।

 

 

तो चलिए एक बड़ा लक्ष्य बनाइए और गम्भीरता के साथ इन चारों चरणों का पालन कीजिए मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ की सफलता आपके कदमों को चूमेगी। उसे चूमना ही पड़ेगा।

दोस्तों, अगर आपको लगता है की इस लेख ने आपके जीवन में आगे बढ़ने में थोड़ा सा भी योगदान दिया है तो मुझे ज़रूर बताएँ। आपका कोई भी सवाल या कोई भी उलझन हो तो बेझिझक मुझसे पूछिए।

 

 

आपका यह सायबर दोस्त | वरचुअल साथी आपके हर सवाल का जवाब देने में ख़ुशी महसूस करता है।

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5 Comments

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