Legal Rights जो हर भारतीय को पता होना चाहिये

इस दुनिया में वैसे तो तथ्यों की कमी नहीं है। कुछ तथ्य शायद आपको पता हो लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो आपको पता नहीं होंगे। क्या आप जानते हैं ऐसे कुछ तथ्य हमारे संविधान से भी जुड़े हुए हैं जो शायद आपको पता ना हो लेकिन आपको पता होना चाहिए। तो चलिए आज हम ऐसे कुछ तथ्यों के बारे में बात करते हैं जो हमारे संविधान से जुड़े हैं और उन्हें आपको पता होना चाहिए।

Legal Rights जो हर भारतीय को पता होना चाहिये

१.गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता

हो सकता है आपको यह बात सुनने में थोड़ा अजीब लगे। लेकिन मेटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। किसी भी गर्भवती महिला को नौकरी से निकालने से पहले 3 महीने की नोटिस देना अनिवार्य है। और इसके अलावा गर्भवती रहने के दौरान जो कुछ खर्चे होते हैं उनका पैसा देना होता है। अगर कोई भी ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

२.शाम होने के बाद महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती

गुनाह करने वाला इंसान कोई भी हो सकता है: एक महिला या फिर एक पुरुष और दोनों के लिए सजा भी बिल्कुल समान होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में शाम 6:00 बजे के बाद और सुबह 6:00 बजे से पहले तक महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। जी हां।

चाहे गुनाह कितना भी संगीन हो, आरोप कोई भी हो लेकिन भारत में शाम के 6:00 बजे के बाद और सुबह 6:00 बजे से पहले तक कोई भी पुलिस अधिकरी किसी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकते अगर कोई भी पुलिस ऐसा करता है और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई तो उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही किया जा सकता है और उसकी नौकरी भी खतरे में आ सकती है।

३.भारत का कोई भी नागरिक किसी भी होटल में पानी और शौच में मुफ़्त मे इस्तेमाल कर सकता है

आपको सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह प्रावधान भारत के कानून में है। इंडियन सीरीज एक्ट 1987 के अनुसार आप देश के किसी भी होटल में जाकर पानी मुफ्त में पी सकते हैं और होटल का शौच भी इस्तेमाल कर सकते हैं चाहे वह होटल फाइव स्टार हो, थ्री स्टार हो या फिर वह कोई एक साधारण होटल हो। आपको इन कार्यों के लिए कोई मना नहीं कर सकते। अगर कोई आपको मना करता है तो शिकायत करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सकती हैं और उस होटल का लाइसेंस रद्द भी हो सकता है।

४.पुलिस आपको शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकती।

उम्मीद करता हूं आप को यह बात पता होगी लेकिन अगर आपको नहीं भी पता है तो आप आज यह बात जान लीजिए कि कोई भी पुलिस अधिकारी आपको शिकायत दर्ज करने से मना नहीं कर सकता। भारत के आईपीसी के सेक्शन 166 ए के अनुसार यह बात हर पुलिस अधिकारी पर लागू होती है।

अगर कोई पुलिस अधिकारी आपको शिकायत दर्ज करने से मना करता है तो आपको वरिष्ठ पुलिस से उनके खिलाफ शिकायत करनी चाहिए। अगर आप शिकायत करते हैं और वह पुलिस वाला दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और इस कार्रवाई के तहत उसे 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है। यहां तक कि अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ सकती है।

५.सिलेंडर फटने से आप 4000000 रुपए तक का बीमा कवर क्लीन कर सकते हैं

आप किसी भी कंपनी का गैस सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हो, अगर वह गैस सिलेंडर फट जाता है और उससे जानमाल के नुकसान होती है तो आप जिस कंपनी का सिलेंडर था उस कंपनी पर ₹4000000 तक का कवर क्लीन कर सकते हैं। यह सुविधा आपको पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत मुहैया कराया जाता है।

अगर आप बीमा क्लेम करते हैं लेकिन कंपनी आपको क्लेम देने से मना कर देती है तो इसके खिलाफ भी आप शिकायत कर सकते हैं। अगर कंपनी दोषी पाया गया तो उस कंपनी का लाइसेंस रद्द हो सकता है।

६.पुलिस आपको बिना warrant के भी गिरफ़्तार कर सकती है

कुछ केस ऐसे भी है जब पुलिस आपको बिना किसी warrant के गिरफ़्तार कर सकती है। ऐसा ही एक केस ये है-

ड्राइविंग के समय यदि आपके प्रति 100ml ब्लड में अल्कोहल का लेवल 30mg से ज्यादा मिलता है तो पुलिस बिना वारंट आपको गिरफ्तार कर सकती है

७.पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है

एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है चाहे उसने यूनिफार्म पहनी हो या नही | यदि कोई व्यक्ति इस अधिकारी से कोई शिकायत करता है तो वह यह नही कह सकता कि वह पीड़ित की मदद नही कर सकता क्योंकि वह ड्यूटी पर नही है |

८.ट्रैफिक पुलिस आपके गाड़ी की चाभी नही निकाल सकता

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में वाहन चालकों को हेलमेट लगाने का प्रावधान है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 में बाइक पर दो व्यक्तियों का बैठने का प्रावधान है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा गाड़ी या मोटरसाइकिल से चाबी निकालना बिलकुल ही गैर कानूनी है। इसके लिए आप चाहें तो उस कांस्टेबल/अधिकारी के खिलाफ शिकायत कर सकते है और कानूनी कार्यवाही भी कर सकते हैं |

९.महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार कर सकती है

केवल महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने ला सकती है| पुरुष पुलिसकर्मियों को महिलाओं को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है| इतना ही नहीं महिलाएं शाम के 6 बजे से सुबह के 6 बजे के बीच पुलिस स्टेशन जाने से मना कर सकती हैं। एक गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है।

१०.क़ुछ मौको पर गिफ्ट लेना रिश्वत की श्रेणी मे आता है

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) 2010 के अनुसार यदि आप किसी कंपनी से किसी त्यौहार के मौके पर कोई गिफ्ट लेते हैं तो यह रिश्वत की श्रेणी में आता है | इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है |

उम्मीद करता हूं आप को दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आपने आज कुछ नया सीखा होगा।  यह सभी बातें भारत के संविधान में दी गई है और एक भारतीय नागरिक होने के नाते आपको यह सब जरूर से पता होने चाहिए।

उपयोगी जानकारी शेयर करके आगे जरूर पहुंचाए

2 Comments

  1. Hi, this is a comment.
    To get started with moderating, editing, and deleting comments, please visit the Comments screen in the dashboard.
    Commenter avatars come from Gravatar.

Leave a Reply